निर्यातकों को राहत: RELIEF योजना की समयसीमा 31 मार्च तक बढ़ी
वाणिज्य विभाग ने भारतीय निर्यातकों को राहत देते हुए निर्यात सुविधा के लिए चलाई जा रही रिजिलिएंस एंड लॉजिस्टिक्स इंटरवेंशन फॉर एक्सपोर्ट फैसिलिटेशन (RELIEF) योजना के घटक-II की समयसीमा अगले वर्ष 31 मार्च तक बढ़ा दी है। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के अनुसार, पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव और खाड़ी क्षेत्र सहित आसपास के समुद्री मार्गों पर इसके प्रभाव को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है। RELIEF, निर्यात संवर्धन मिशन के तहत शुरू की गई एक समयबद्ध पहल है।
निर्यातकों को मिलेगा 95 प्रतिशत जोखिम कवर
RELIEF योजना के घटक-II का उद्देश्य निर्यातकों को निर्धारित क्षेत्रों में आगामी खेपों के लिए भारतीय निर्यात ऋण गारंटी निगम (ईसीजीसी) का बीमा कवर लेने के लिए प्रोत्साहित करना है। इसके तहत पात्र निर्यातकों को 95 प्रतिशत जोखिम कवरेज प्रदान किया जाता है।
यह सुविधा चालू वर्ष की 16 तारीख को या उसके बाद प्राप्त स्टैंडअलोन पॉलिसी और संपूर्ण कारोबार पॉलिसी पर लागू होती है।
बीमा प्रीमियम में बढ़ोतरी से मिलेगी सुरक्षा
इस घटक के अंतर्गत पात्र निर्यातकों को निर्धारित पात्रता अवधि के दौरान बीमा प्रीमियम में व्यवधान से पहले के स्तर की तुलना में होने वाली अतिरिक्त बढ़ोतरी से सुरक्षा प्रदान की जाती है।
योजना के तहत पूर्ण कंटेनर लोड (FCL), आंशिक कंटेनर लोड (LCL) और रेफ्रिजरेटेड कंटेनर से संबंधित माल को शामिल किया गया है। हालांकि, ऊर्जा क्षेत्र से जुड़े शिपमेंट इस सुविधा के दायरे से बाहर हैं।
ईसीजीसी पोर्टल पर जमा करने होंगे दावे
RELIEF योजना के तहत लाभ प्राप्त करने के इच्छुक निर्यातकों को अपने दावे और उनसे संबंधित आवश्यक दस्तावेज ईसीजीसी के ग्राहक पोर्टल www.ecgcltd.in के माध्यम से जमा करने होंगे।
पश्चिम एशिया में व्यवधान से प्रभावित निर्यातकों को राहत
RELIEF योजना की शुरुआत 19 मार्च को की गई थी। इसका उद्देश्य खाड़ी क्षेत्र और व्यापक पश्चिम एशियाई समुद्री गलियारे में व्यवधान के कारण भारतीय निर्यातकों के सामने उत्पन्न असाधारण माल ढुलाई लागत, बढ़े हुए बीमा प्रीमियम और युद्ध से जुड़े निर्यात जोखिमों को कम करना है।
समयसीमा बढ़ाए जाने से पात्र निर्यातकों को मौजूदा परिस्थितियों में अपने अंतरराष्ट्रीय व्यापार और शिपमेंट से जुड़े जोखिमों के प्रबंधन के लिए अतिरिक्त समय मिलेगा।